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संयुक्त उपक्रम

1.भारती हैक्साकॉम लिमिटेड (बीएचएल)


वर्ष 1995 में राजस्थान और भारत के उत्तर पूर्व क्षेत्र में सेलुलर मोबाइल सेवाओं को संचालित करने के लिए कुवैत की मोबाइल दूरसंचार कंपनी और श्याम टेलीकॉम लिमिटेड के सहयोग से भारती हैक्साकॉम लि. (बीएचएल) का गठन किया गया था। वर्तमान में, टीसीआईएल और भारती एयरटेल लिमिटेड (बीएएल) के पास बीएचएल में 30:70 के अनुपात में शेयर हैं। टीसीआईएल ने चरणबद्ध तरीके से बीएचएल में 1062 मिलियन रुपये का निवेश किया है। कंपनी ने वर्ष के दौरान 67,192 मिलियन रु. की कुल आय और 5,492 मिलियन रु. का कर पश्चात लाभ प्राप्त किया जो पिछले वर्ष 54,940 मिलियन रु. था और कर पश्चात हानि 16,746 मिलियन रु. थी। प्रशासनिक मंत्रालय के निर्देशानुसार, बीएचएल में कंपनी के 30 प्रतिशत स्टेक के विनिवेश के प्रस्ताव को आईपीओ मोड के माध्यम से 95,300 मिलियन के मूल्यांकन पर एक किश्त के लिए निदेशक मंडल द्वारा मंजूरी दी गई है और अनुमोदन के लिए इसे दूरसंचार विभाग को भेज दिया गया है। डीआईपीएएम अपने दिनांक 17.08.2023 के पत्र में आईपीओ प्रक्रिया के माध्यम से बीएचएल में टीसीआईएल के 30 प्रतिशत स्टेक के विनिवेश को अनिमोदन प्रदान कर चुका है। बीएचएल पहले ही टीसीआईएल के साथ मिल कर आईपीओ प्रक्रिया शुरु कर चुका है।

2. टीबीएल इंटरनेशनल लिमिटेड (टीबीएल)


टीबीएल का गठन 1989 में हुआ था, जिसमें टीसीआईएल के पास 44.9%, टीबीएल इंडिया एलएलसी के पास 40% और डीएसएस एंटरप्राइजेज के पास कंपनी के 15.1% शेयर थे। टीसीआईएल ने कंपनी में 8.37 मिलियन रुपये का निवेश किया था। वर्ष 2022-23 के दौरान, टीबीएल ने आईटी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की आपूर्ति के लिए एक परियोजना निष्पादित की। कंपनी ने वर्ष के दौरान 19 मिलियन रु. की कुल आय और 0.2 मिलियन का कर पश्चात लाभ प्राप्त किया, जबकि पिछले वर्ष यह 9 मिलियन रु. थी जिसमें 0.8 मिलियन रु. की कर पश्चात लाभ और हानि हुई थी। प्रशासनिक मंत्रालय की सलाह के अनुरूप, टीबीएल में टीसीआईएल की हिस्सेदारी का मूल्यांकन किया गया और अन्य शेयरधारकों को टीसीआईएल के निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित मूल्यांकन के अनुसार टीबीएल में टीसीआईएल के शेयरों की पेशकश की गई है। इस पर प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।

3.इंटैलिजेंट कम्युनिकेशन्स सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड (आईसीएसआईएल)


कंपनी को 1987 में दिल्ली राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (DSIIDC) के साथ तकनीकी जनशक्ति की आपूर्ति और प्रशिक्षण, कंप्यूटर संचार और कार्यालय स्वचालन परियोजनाओं के निष्पादन के लिए प्रमुख हितधारक के रूप में पदोन्नत किया गया था। टीसीआईएल ने आईसीएसआईएल में 3.60 मिलियन रुपये का निवेश किया था। आईसीएसआईएल एक आईएस/आईएसओ 9001:2008 प्रमाणित कंपनी है और दिल्ली सरकार और विभिन्न अन्य सरकारी विभागों को जनशक्ति, हार्डवेयर और अन्य कंप्यूटर बाह्य उपकरणों की आपूर्ति के क्षेत्र में परियोजनाएं निष्पादित कर रही है। कंपनी नेटवर्किंग और सॉफ्टवेयर, सीसीटीवी परियोजनाओं में उच्च तकनीकी परियोजनाएं भी क्रियान्वित कर रही है और कई कंप्यूटर और आईटी पाठ्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण संस्थान चला रही है। वर्ष 2022-23 के दौरान कंपनी की कुल आय 1728 मिलियन रु. रही जबकि पिछले वर्ष यह 1677 मिलियन रु. थी। 2022-23 में कर पश्चात लाभ पिछले वर्ष के 58.4 मिलियन रु. की तुलना में इस वर्ष 69 मिलियन रु. रहा। प्रशासनिक मंत्रालय की सलाह को ध्यान में रखते हुए सहायक कंपनियों/जेवी से बाहर निकलने के लिए आईसीएसआईएल के शेयरों का मूल्यांकन किया गया था जिसे टीसीआईएल के निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित किया गया था। आईसीएसआईएल से बाहर निकलने के लिए दूरसंचार विभाग से मंजूरी का इंतजार है।

4. . युनाइडेट टेलीकॉम लिमिटेड (यूटीएल)


डब्ल्यूएलएल आधारित दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के लिए वर्ष 2001 में टीसीआईएल, एमटीएनएल, वीएसएनएल (वर्तमान में टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड) और नेपाल में एक स्थानीय भागीदार नेपाल वेंचर्स प्रा. लिमिटेड के साथ मिल कर यूटीएल का गठन किया गया था। कंपनी नेपाल में बुनियादी मोबाइल, एनएलडी, आईएलडी और डेटा सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी पिछले कुछ सालों से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है और भारी घाटे में चल रही है और यह नेपाल की सरकार को वैधानिक बकाया जैसे रॉयल्टी, बीटीएस साइट शुल्क और अन्य बकायों का भुगतान भी नहीं कर रही। इस संयुक्त उद्यम के सभी भारतीय साझेदारों ने संयुक्त उद्यम से बाहर होने का निर्णय लिया है। 31 मार्च, 2023 को समाप्त वर्ष के दौरान, कंपनी का टर्नओवर शून्य था क्योंकि कंपनी में कोई प्रचालन नहीं हो रहा है। बाहर निकलने के अधिकार के अनुसरण में यूटीएल से धन के प्रत्यावर्तन के लिए भारतीय संयुक्त उद्यम भागीदारों के बीच विभिन्न बैठकें आयोजित की गईं। टीसीआईएल वर्तमान में बाहर निकलने के अपने अधिकार का प्रयोग करने के लिए कानूनी सहारा लेने पर विचार कर रहा है।

सहायक कंपनियां

1. तमिलनाडू टेलीकम्युनिकेशन्स लिमिटेड (टीटीएल)


टेलीकॉम केबल के निर्माण के लिए, तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम (टीआईडीसीओ) और जापान के मेसर्स फुजिकुरा के सहयोग से वर्ष 1988 में टीटीएल की स्थापना की गई थी। टीटीएल में टीसीआईएल की हिस्सेदारी 49% है। पिछले कुछ वर्षों से ऑर्डर न मिलने के कारण कंपनी का प्रदर्शन अपेक्षा अनुसार नहीं रहा। वर्तमान में ज्यादातर रिबन-प्रकार के केबलों की मांग है जिसके लिए टीटीएल के पास अपेक्षित विनिर्माण मशीनरी नहीं है। टीटीएल अपने खर्चों को ध्यान में रखते हुए उसके पास उपलब्ध भूमि के मुद्रीकरण का विकल्प तलाशने की कोशिश कर रही है। पिछले वर्ष के 'शून्य' कारोबार की तुलना में वर्ष 2022-23 के दौरान भी कारोबार 'शून्य' ही रहा। पिछले वर्ष के 104 मिलियन रु. की तुलना में समीक्षाधीन वित्तीय वर्ष के दौरान कर पश्चात हानि 120 मिलियन रु. है। इसलिए टीसीआईएल ने प्रशासनिक मंत्रालय की सलाह को मानते हुए टीटीएल में अपनी हिस्सेदारी के विनिवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

2. टीसीआईएल बीना टोल रोड लिमिटेड (टीबीआरटीएल)


टीसीआईएल बीना टोल रोड लिमिटेड (टीबीआरटीएल) को 11.07.2012 को टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया था जिसका उद्देश्य डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और बीना-कुरवाई-सारोंज टोल रोड परियोजना का निष्पादन करना था। स्थानांतरण (डीबीएफओटी) आधार पर यह परियोजना 2014 में पूरी हुई और टोल संग्रहण का कार्य अप्रैल, 2014 में शुरू किया गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान कंपनी का कारोबार पिछले वर्ष के 36 मिलियन रु. की तुलना में इस वर्ष 41 मिलियन रु. रहा। वर्ष के दौरान कर पश्चात लाभ 25 मिलियन रु. था, जबकि पिछले वर्ष कर पश्चात लाभ 1 मिलियन रु. था। भारतीय लेखा मानकों के प्रावधानों के अनुसार टीसीआईएल ऋण की मान्यता रद्द होने के कारण इस सहायक कंपनी में लाभ केवल बुक प्रॉफिट है। लगातार हो रहे घाटे के चलते, इस सहायक कंपनी को बंद करने के डीओटी के आदेश के कारण, मामले की बोर्ड स्तर पर जांच की गई और निर्णय लिया गया कि टीबीटीआरएल, एमपीआरडीसी के साथ रियायती समझौते को समाप्त करने का कदम उठा सकता है और समझौते के अनुसार ही समाप्ति भुगतान का दावा कर सकता है। डीआईपीएएम ने अपने दिनांक 17.08.2023 के पत्र के द्वारा टीबीटीआरएल को बंद करने की मंजूरी दे दी है, जिसे दूरसंचार विभाग द्वारा 18.08.2023 को टीसीआईएल को भेज दिया गया था। टीसीआईएल प्रबंधन आगे कदम उठाने से पहले टीबीटीआरएल मामले की जांच कर रहा है।

3. टीसीआईएल लखनाडोन टोल रोड लिमिटेड


दिनांक 21.08.2013 को टीसीआईएल लखनादौन टोल रोड लिमिटेड (टीएलटीआरएल) का गठन बिल्ड, ऑपरेट और ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर लखनादौन-घंसौर रोड परियोजना के निर्माण के लिए टीसीआईएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में किया गया था। निर्माण परियोजना 29.06.2016 को पूरी हो गई और टोल संग्रहण का कार्य 16.07.2016 से शुरू कर दिया गया। पिछले वर्ष के 34 मिलियन रु. की तुलना में, वर्ष 2022-23 के दौरान कंपनी की कुल आय 32 मिलियन रु. रही। वर्ष के दौरान कर पश्चात हानि 11 मिलियन रु. थी, जबकि पिछले वर्ष में कर पश्चात हानि 52 मिलियन रु. थी। लगातार घाटे के चलते और दूरसंचार विभाग के कंपनी के बंद करने के आदेश के कारण मामले की बोर्ड स्तर पर जांच की गई और यह निर्णय लिया गया है कि टीएलटीआरएल एमपीआरडीसी के साथ रियायती समझौते को समाप्त करने के लिए आगे बढ़ सकता है और समझौते के अनुसार समाप्ति भुगतान का दावा भी कर सकता है। कंपनी को बंद करने की डीआईपीएम की दिनांक 10.07.2023 की सैद्धांतिक मंजूरी को दूरसंचार विभाग ने 11.07.2023 को अनुमोदित कर दिया। टीसीआईएल ने डिफ़ॉल्ट रूट के माध्यम से टीएलटीआरएल को बंद करने के लिए 04.09.2023 को एमपीआरडीसी को समाप्ति नोटिस जारी किया है।

4. टीसीआईएल ओमान एलएलसी


इस सहायक कंपनी में, टीसीआईएल की इक्विटी हिस्सेदारी 70% है और शेष 30% शेयर मेसर्स नेशनल टेलीफोन सर्विसेज कंपनी एलएलसी और ओमान (एनटीएस) के पास हैं। कंपनी को पिछले कुछ वर्षों के दौरान ओमान सल्तनत में ज्यादा कारोबार नहीं मिल रहा था इसलिए इसे बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई और तब से ये बंद है।

5. टीसीआईएल यूएसए इंक


टीसीआईएल यूएसए इंक को 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की स्वीकृत निवेश राशि के साथ 29.11.2018 को संयुक्त राज्य अमेरीका के वाशिंगटन राज्य में टीसीआईएल के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया था। टीसीआईएल यूएसए इंक द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका में व्यवसाय की तलाश के लिए प्रयास किए गए और काफी प्रयासों के बाद भी टीसीआईएल यूएसए इंक संयुक्त राज्य अमेरिका में कोई व्यवसाय प्राप्त नहीं कर पाई। कैबिनेट की मंजूरी पर टीसीआईएल यूएसए इंक को बंद करने के लिए योजनाबद्ध तकीके से पूंजी को वापस लाया गया और उसे निवेश के साथ समायोजित किया गया। वित्तीय वर्ष 2022-23 के वित्तीय विवरण में 25.651 मिलियन रु. का घाटा दर्ज किया गया है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार संभावित व्यावसायिक अवसरों की खोज के बाद नए सिरे से इक्विटी निवेश किया जाएगा।